सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया बुधवार 12 जून को लखनऊ की गोसाईगंज जेल से रिहा होंगे| 

मंगलवार आज सुबह प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी से जुड़ी एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने के आदेश दिया था| प्रशांत की पत्नी जगदीश अरोड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा की  " किसी की राय अलग अलग हो सकती है, उन्हें (प्रशांत) शायद वह ट्वीट नहीं करना चाहिए था, लेकिन बस इस आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता"
वही आगे सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा किसी को एक ट्वीट के चलते 11 दिन तक जेल में नहीं रख सकते है' सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए क्या कोई हत्या का मामला थोड़ा जाए, इसी कारण आज यूपी सरकार ने प्रशांत को बुधवार को जेल से रिहा करने का फैसला किया है|
प्रशांत कनौजिया पर आरोप है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की थी| जिसके चलते उन्हें बीते दिनों लखनऊ पुलिस ने शादी-वर्दी मे दिल्ली के उनके घर से गिरफ्तार कर लखनऊ ले आई थी|