नारायणपुर आइटीबीपी कैंप में जवानों के बीच गोलीबारी के बारे में राज्य के गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के मुताबिक इस मामले की जानकारी मांगी गई है
उन्होंने बताया कि जवानों की छुट्टी तय रहती है उन्हें छुट्टी के लिए रोका नहीं जाता है इसलिए छुट्टी की वजह से कोई घटना नहीं हुई होगी, अभी तक ऐसा नहीं देखा गया कि सरकार के किसी फैसले से किसी जवान ने ऐसे कदम उठाए उनके बीच आपस में कुछ हुआ होगा।

जाने क्या है पूरा मामला

 छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में बुधवार सुबह आईटीबीपी के 1 जवान (रहमान खान) ने अपने साथियों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, इस फायरिंग से 4 जवानों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि रहमान ने बाद में खुद को भी गोली से उड़ा लिया
तीन घायल जवानों को हेलीकॉप्टर से इलाज के लिए रायपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान एक जवान ने दम तोड़ दिया। रेंज के आईजी पी सुंदरराज ने जवानों के बीच झड़प की घटना की पुष्टि की है।  उन्होंने बताया कि रहमान को दिसंबर के आखरी में परिवारिक समारोह में ( शामिल होने के लिए लंबी) छुट्टी पर जाना था जिसके लिए उसने लंबी छुट्टी की मांग की थी लेकिन उसकी छुट्टी मंजूर नहीं हो पाई थी इसे लेकर सभी जवानों ने मजाक किया तो उसने गुस्से में आकर फायरिंग कर दी।  


पुलिस अधीक्षक नारायणपुर के मुताबिक आपस में हुई फायरिंग के कारण आरोपी जवान समेत 6 जवानों की मौत हुई है वहीं इस गोलीकांड के बीच-बचाव में 2 जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैंl जिनका इलाज रायपुर में किया जा रहा है।
             (आईटीबीपी के जवानों की संकेतिक तस्वीर)
  यह पूरी घटना धौडाई जिले के कंडेनार  स्थित आइटीबीपी के कैंप में हुई है इस गोलीकांड में सुप्रीत सरकार, उल्लास, दलजीत सिंह, महेंद्र, विश्वरूप महतो व  मसुदुल रहमान समेत 6 जवानों की मौत हो गई, जबकि सीताराम और बिजीश नामक दो जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है।