लखनऊ, 9 जनवरी 2026: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में लव जिहाद और जबरन धर्म परिवर्तन के गंभीर आरोपों वाले मामले में लखनऊ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। मुख्य आरोपी जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन नायक उर्फ रमीज मलिक को ठाकुरगंज इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था और वह 16 दिनों से फरार चल रहा था।



पुलिस के अनुसार, आरोपी को लखनऊ में ही छिपे होने की सूचना पर दबिश देकर पकड़ा गया। इससे पहले उसके माता-पिता सलीमुद्दीन (70) और खतीजा (67) को भी गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनकी भूमिका धर्म परिवर्तन और गर्भपात में सहायता करने की बताई जा रही है।

मामले की मुख्य बातें:

शिकायत: दिसंबर 2025 में KGMU की एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर ने चौक थाने में FIR दर्ज कराई। आरोप है कि रमीज ने शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए, निजी फोटो से ब्लैकमेल किया, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला और जबरन गर्भपात कराया।
दूसरी पीड़िता: आगरा की एक अन्य महिला डॉक्टर (रमीज की कथित पत्नी) ने भी आरोप लगाया कि उससे जबरन इस्लाम कबूल कराया गया और निकाह किया गया।
गिरफ्तारियां: पहले माता-पिता को 5 जनवरी को ठाकुरगंज से पकड़ा गया। अब मुख्य आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी से मामला आगे बढ़ेगा।
KGMU कार्रवाई: आरोपी को सस्पेंड किया गया, MD डिग्री रद्द करने की प्रक्रिया चल रही है। विश्वविद्यालय में जांच कमिटी गठित की गई है।
कानूनी धाराएं: दुष्कर्म, ब्लैकमेल, जबरन गर्भपात, धोखाधड़ी और उत्तर प्रदेश अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज।
पुलिस बयान: डीसीपी ने कहा कि आरोपी की तलाश में कई टीमें लगी थीं। अब पूछताछ में और खुलासे होने की उम्मीद है।
यह मामला मेडिकल संस्थानों में सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के मुद्दों को फिर से उजागर कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीड़िताओं को न्याय का आश्वासन दिया है। जांच जारी है, और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।